प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा (उत्तर प्रदेश):
एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश संरक्षण को लेकर कड़े निर्देश दे रहे हैं और बजट जारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर अफसरों की लापरवाही और भ्रष्टाचार बेजुबान गोवंश पर भारी पड़ रहा है। ताजा मामला किरावली तहसील की ग्राम पंचायत सराय स्थित सरकारी गौशाला का है, जहाँ की हृदयविदारक स्थिति ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।
कंकाल बनीं गायें, पीने को बदबूदार व सड़ा पानी

सराय की इस सरकारी गौशाला में कुल 73 गायें और बछड़े मौजूद हैं, जिनकी देखरेख का पूरा जिम्मा महज एक केयरटेकर के भरोसे छोड़ दिया गया है।
- कुपोषण व बीमारी: गौशाला में चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा डाला जा रहा है। उचित पोषण और हरा चारा न मिलने के कारण कई गायें कंकाल में तब्दील हो चुकी हैं।
- गंभीर चोटें व कीड़े: कई गोवंश गंभीर रूप से घायल हैं। समय पर इलाज न मिलने से उनके घाव सड़ रहे हैं और उनमें कीड़े पड़ गए हैं।
- दूषित पानी: पीने की टंकियों में बदबूदार व सड़ा हुआ पानी भरा पड़ा है, जिसे पीने को ये बेजुबान मजबूर हैं।

गौरक्षकों और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, लगाया बंदरबांट का आरोप
गौशाला में बदहाली की खबर मिलते ही गौरक्षक जिलाध्यक्ष संतोष इंदौलिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कुव्यवस्था के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि:
“अधिकारी सिर्फ निरीक्षण की औपचारिकता पूरी करने आते हैं। सरकार से गोवंश के रखरखाव के लिए मिलने वाले बजट की ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और वेटरनरी (पशुपालन) विभाग के कर्मचारी मिलकर बंदरबांट कर रहे हैं। यहाँ सारी व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं।”

प्रशासन का आश्वासन, लेकिन सवाल बरकरार
मामले की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त कराने का दावा किया है। हालांकि, ग्रामीणों और गौरक्षकों का कहना है कि जब तक इस घोर लापरवाही के जिम्मेदार दोषी कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक हालात बदलने वाले नहीं हैं।
बड़ा सवाल: क्या बेजुबानों के नाम पर सरकारी धन की लूट यूं ही जारी रहेगी, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी?
