रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली/आगरा।
विद्युत विभाग के अधिकारियों की वादाखिलाफी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ न्याय की आस में भटक रहे एक मृतक बिजली कर्मी के परिवार का सब्र अब टूट चुका है। तहसील सदर प्रांगण में पिछले 12 नवंबर से चल रहे बेमियादी धरने के 200वें दिन मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब मृतक की 72 वर्षीय वृद्ध मां प्रभा देवी ने अन्न-जल त्याग कर बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर दी। सरकारी तंत्र और जनप्रतनिधियों की बेरुखी से आहत पीड़ित परिवार अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

मृतक बिजली कर्मी के न्याय के लिए 200वें दिन भी धरना जारी
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय पेट्रोल मैन रवि सोलंकी पिछले 20 वर्षों से 33/11 उप केंद्र किरावली टाउन पर कार्यरत थे। पिछले वर्ष 9 अप्रैल 2025 को विभाग के लापरवाह अधिकारियों के कारण बड़ा हादसा हुआ। तहसील किरावली के सामने ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान, शटडाउन होने के बावजूद अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे रवि सोलंकी गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान एक सप्ताह बाद, 15 अप्रैल 2025 को एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी।
विभाग की वादाखिलाफी से आक्रोश
रवि सोलंकी की मौत के बाद बिजली विभाग के आला अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने के लिए कई बड़े वादे किए थे, जिनमें शामिल था:
- आश्रितों को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद।
- इलाज का पूरा खर्च उठाना।
- मृतक की पत्नी व बच्चों को पेंशन।
- परिवार के एक आश्रित को संविदा पर तत्काल नौकरी।
आरोप है कि इस घटना को एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग ने केवल 7.50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। शेष आर्थिक मदद, नौकरी और पेंशन के लिए मृतक की पत्नी रजनी देवी और उनके तीन बच्चे पिछले एक साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
“अंधा-बहरा हो चुका है प्रशासनिक सिस्टम”
धरना स्थल पर पहुंचे किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह अंधे और बहरे हो चुके हैं। सत्ता में बैठे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं। एक साल बीत जाने के बाद भी न तो पीड़ित परिवार को उनका हक मिला है और न ही रवि की मौत के जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों पर कोई कानूनी या विभागीय कार्रवाई हुई है।”
धरना स्थल पर समर्थन
बुजुर्ग मां प्रभा देवी की भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से धरना स्थल पर क्षेत्रीय लोगों और किसान नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। इस दौरान मुख्य रूप से पवन सिंह चाहर, प्रकाश वीर, एवर चंद्र, मुकेश, सोनू, अरविंद सहित दर्जनों लोग परिवार को न्याय दिलाने के लिए धरने में शामिल रहे। पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह भूख हड़ताल और धरना समाप्त नहीं होगा।

