रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
फतेहपुर सीकरी (आगरा)।
ताजनगरी के ऐतिहासिक क्षेत्र फतेहपुर सीकरी में बाल श्रम का एक ऐसा काला सच सामने आया है, जो न सिर्फ प्रशासनिक दावों की पोल खोलता है बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर रहा है। यहाँ के मुख्य बाजार में “काम सिखाने” और “हुनर देने” के नाम पर 10 से 14 साल के मासूम बच्चों से खुलेआम मजदूरी कराई जा रही है। जिन हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए थे, वे हाथ डॉक्टरों के क्लीनिक, चाय-नाश्ते की दुकानों, नॉनवेज के ठेलों, सब्जी मंडी और मोमोज काउंटरों पर झाड़ू-पोछा लगाते और जूठे बर्तन धोते साफ देखे जा सकते हैं।

कैमरे में कैद हुआ सच: मेडिकल स्टोर पर दिनदहाड़े सफाई करता दिखा मासूम
इस अमानवीय कृत्य की हकीकत उस वक्त कैमरे में कैद हो गई, जब मुख्य बाजार के ही एक प्रतिष्ठित मेडिकल स्टोर के बाहर एक नाबालिग बच्चा दिनदहाड़े झाड़ू-सफाई करता नजर आया। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि गरीबी और मजबूरी की आड़ में कुछ माता-पिता चंद रुपयों की खातिर अपने ही बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। इन मासूमों को सुबह 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक (लगभग 13 घंटे) कड़ी मजदूरी के दलदल में झोंक दिया गया है।
BNS की धारा 143 और बाल श्रम कानून के तहत संगीन अपराध
कानूनी जानकारों के मुताबिक, नाबालिग बच्चों से इस तरह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर काम कराना बाल श्रम (निषेध और नियमन) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS 143) के तहत एक अत्यंत संगीन और गैर-जमानती जुर्म है। इसके बावजूद स्थानीय बाजारों में बेखौफ होकर यह धंधा फल-फूल रहा है।
“यह सीधे तौर पर मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ है। श्रम विभाग के अधिकारियों को तत्काल एक्टिव होना चाहिए। हमारी मांग है कि पुलिस और प्रशासन संयुक्त टीम बनाकर सभी संदिग्ध दुकानों के हाजिरी रजिस्टर जब्त करे और औचक निरीक्षण कर जांच शुरू करे।”
— फतेहपुर सीकरी के जागरूक नागरिक
श्रम विभाग मौन, जनता में आक्रोश
इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध धंधे और सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद भी स्थानीय श्रम विभाग (Labour Department) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। विभाग की इस कुंभकर्णी नींद को लेकर स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
अपील: देश के भविष्य को बचाएं
‘यूपी लाइव 24X7′ अपने सभी पाठकों और जागरूक नागरिकों से अपील करता है कि यदि आपको अपने आसपास किसी भी दुकान, होटल, कारखाने या ठेले पर कोई बच्चा मजदूरी करता हुआ दिखे, तो मूकदर्शक न बनें। इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें। आपकी एक सजगता किसी मासूम का खोया हुआ बचपन और उसका भविष्य वापस लौटा सकती है।

