रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)।
आगरा के किरावली थाना क्षेत्र में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पुलिस पर मोबाइल चोरी के एक मामले में पीड़ित से ही रुपये वसूलने और आरोपी को साठगांठ कर छोड़ने के संगीन आरोप लगे हैं। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से आहत पीड़ित पक्ष ने अब मामले की शिकायत आगरा के उच्च अधिकारियों से करने का मन बना लिया है।

दक्षिणी बाईपास पर हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को एक ट्रक महुआ से कानपुर की ओर जा रहा था। न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित महुअर के पास ट्रक चालक ने गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा किया। जब चालक और परिचालक ट्रक के टायरों की जांच कर रहे थे, तभी मौका पाकर एक शातिर बाइक सवार युवक ट्रक में रखा कीमती मोबाइल फोन चोरी कर रफूचक्कर हो गया।
घटना के तुरंत बाद पीड़ितों ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीआरवी (PRV) ने पीड़ितों को किरावली थाने में लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी।
पुलिस ने मोबाइल तो खोजा, लेकिन खेल कर दिया!
पीड़ित की शिकायत पर किरावली थाना पुलिस ने जांच शुरू की और सर्विलांस व अन्य माध्यमों से थाना क्षेत्र के गांव बड़ौदा से मोबाइल फोन बरामद कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई बाइक की भी पहचान हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी के परिजनों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति मौके पर पहुंचा और उसके पास से चोरी का मोबाइल मिल गया।
दरोगा पर ₹2000 वसूली और आरोपी को संरक्षण देने का आरोप
असली खेल मोबाइल बरामद होने के बाद शुरू हुआ। पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि किरावली थाने के एक दरोगा ने आरोपी युवक से ₹5000 की साठगांठ की और उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने पीड़ित को उसका ही मोबाइल वापस देने के एवज में ₹2000 वसूल लिए। पीड़ित का कहना है कि पुलिसकर्मी लगातार धौंस जमाते रहे कि “हम तुम्हें तुम्हारा 40 हजार का मोबाइल दिला रहे हैं, इतना तो देना ही पड़ेगा।”
“हम बाहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं और आगरा पुलिस के इस भ्रष्ट व्यवहार से बेहद आहत हैं। किरावली पुलिस बिना लेन-देन के कोई काम नहीं करती और यहां चोरों को खुला संरक्षण मिल रहा है।”
— वसीम (पुत्र नवाब), पीड़ित ट्रक चालक
पुलिस कमिश्नर की चौखट पर पहुंचेगा मामला
इस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित ट्रक मालिक ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए आगरा के पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) से लिखित शिकायत करने की बात कही है।
अधिकारी का वर्जन:
“यह पूरा मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। लेकिन, अगर पुलिसकर्मियों पर इस तरह के वसूली और आरोपी को छोड़ने के आरोप हैं, तो इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
— शैलेंद्र सिंह, एसीपी अछनेरा

