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मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह फिर विवादों में: पीड़ित से ₹1 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप, DCP वेस्ट आदित्य सिंह ने दिए जांच के आदेश

ByKarmveer Singh

Jun 9, 2026
आगरा: विवादों से पुराना नाता... आरोपों से घिरे मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह! अब पीड़ित से ₹1 लाख मांगने का सनसनीखेज आरोप, DCP वेस्ट बोले- "जांच कर होगी सख्त कार्रवाई"आगरा: विवादों से पुराना नाता... आरोपों से घिरे मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह! अब पीड़ित से ₹1 लाख मांगने का सनसनीखेज आरोप, DCP वेस्ट बोले- "जांच कर होगी सख्त कार्रवाई"
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

आगरा: विवादों से पुराना नाता… आरोपों से घिरे मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह! अब पीड़ित से ₹1 लाख मांगने का सनसनीखेज आरोप, DCP वेस्ट बोले- “जांच कर होगी सख्त कार्रवाई”

किरावली (आगरा): आगरा के थाना किरावली क्षेत्र की मिढ़ाकुर पुलिस चौकी एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी विवादित कार्यशैली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रहने वाले चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह पर अब एक पीड़ित ने खाकी को शर्मसार करने वाले बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। जानलेवा हमले और SC/ST एक्ट जैसे गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई करने के बदले चौकी इंचार्ज द्वारा ₹1 लाख की मोटी रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत पुलिस कमिश्नरेट आगरा (DCP पश्चिम जोन) से की गई है। इस सनसनीखेज मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए डीसीपी वेस्ट आदित्य सिंह ने जांच के बाद निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह फिर विवादों में
क्या है पूरा मामला? जानिए पीड़ित की जुबानी

ग्राम सकतपुर (थाना किरावली) के रहने वाले पीड़ित गंगा पुत्र अमर सिंह ने उच्चाधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में अपनी आपबीती बयां की है। पीड़ित के मुताबिक, उनके दबंग पड़ोसी गब्बर, मनीष, विष्णु और आकाश ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर लाठी, डंडे और हॉकी-बका से जानलेवा हमला कर दिया था। इस खूनी संघर्ष में पीड़ित को गंभीर चोटें आईं और उनका मेडिकल भी कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 333, 352, 351 और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा (अ० सं० 34/2026) दर्ज किया था।

मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह फिर विवादों में
“पैसे दो… नहीं तो जेल नहीं भेजूंगा” – दरोगा पर संगीन आरोप

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह को सौंपी गई थी। पीड़ित गंगा का सीधा और स्पष्ट आरोप है कि दरोगा जी ने मुकदमे के कई दिन बीत जाने के बाद भी आज तक किसी भी नामजद अपराधी को जेल का रास्ता नहीं दिखाया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने दरोगा नवनीत सिंह से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मिन्नतें कीं, तो चौकी इंचार्ज ने दो टूक शब्दों में कह दिया– “पहले एक लाख रुपये लाकर दो, तब अपराधियों को जेल भेजूंगा।” जब गरीब पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोप है कि दरोगा जी ने अपनी मर्यादा लांघते हुए उसे भद्दी-भद्दी गालियां दीं और दुत्कार कर चौकी से भगा दिया।

दरोगा जी का विवादों से पुराना नाता: ग्रामीणों में भारी उबाल

मिढ़ाकुर चौकी इंचार्ज नवनीत सिंह पर बार-बार लग रहे भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि दरोगा जी की कार्यप्रणाली पहले दिन से ही सवालों के घेरे में रही है:

  • न्याय मांगने वाले को ही हवालात का डर! क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पहले भी एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया था, जहां न्याय की आस लेकर चौकी पहुंचे एक पीड़ित की मदद करने के बजाय दरोगा नवनीत सिंह ने उसे ही कई घंटों तक थाने में बिठाए रखा था।
  • अपराधियों के हौसले बुलंद, जनता में खौफ: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चौकी इंचार्ज के इस रवैये के कारण क्षेत्र में अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं, जबकि कानून का पालन करने वाली आम जनता खुद को असुरक्षित और बेबस महसूस कर रही है।

DCP वेस्ट आदित्य सिंह का बड़ा बयान: “दोषी पाए जाने पर बख्शे नहीं जाएंगे”

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर भ्रष्टाचार के मामले को लेकर जब DCP वेस्ट आदित्य सिंह से सीधी बात की गई, तो उन्होंने मामले को पूरी गंभीरता से लिया। डीसीपी वेस्ट ने सख्त लहजे में कहा कि:

“शिकायत के अनुसार पूरे मामले की गहनता और निष्पक्षता से जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष और बेहद सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस महकमे में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।”

UP LIVE 24X7 का बड़ा सवाल:

गरीब और पीड़ित परिवारों द्वारा लगातार लगाए जा रहे इन संगीन आरोपों के बाद अब पूरी किरावली और मिढ़ाकुर क्षेत्र की जनता की नजरें आगरा पुलिस के आला अधिकारियों की इस जांच पर टिकी हुई हैं। पीड़ित ने स्पष्ट मांग की है कि इस मामले की जांच मिढ़ाकुर चौकी पुलिस से हटाकर किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी को सौंपी जाए।

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