रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव जाजऊ में विकास कार्यों की कछुआ चाल से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गांव के एक मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधूरा पड़ा होने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर कोई सुनवाई न होने से निराश होकर अब ग्रामीणों ने सीधे मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और मार्ग को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
साल भर पहले डाली गई थी गिट्टी, उसके बाद ठेकेदार गायब!
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जाजऊ गांव में पप्पू की दुकान से लेकर वाल्मीकि बस्ती तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग के निर्माण की शुरुआत लगभग एक वर्ष पूर्व बड़े जोर-शोर से की गई थी। उस दौरान सड़क पर लाल गिट्टी तो डाल दी गई, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य को अचानक बीच में ही रोक दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि तब से लेकर आज तक यह सड़क इसी बदहाल और अधूरी स्थिति में पड़ी है, जिसके कारण यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

खेतों और स्कूल जाने का मुख्य रास्ता, राहगीर हो रहे चोटिल
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग की अहमियत गांव के लिए बहुत ज्यादा है:
- किसानों और बच्चों पर मार: इस रास्ते का उपयोग बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों की ओर आने-जाने के लिए करते हैं। साथ ही स्कूली बच्चों का भी यह प्रमुख मार्ग है।
- फिसल रहे हैं बुजुर्ग: गिट्टियां उखड़ने और सड़क समतल न होने के कारण कई बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं।
- बरसात में बढ़ेगी मुसीबत: मानसून की दस्तक के साथ ही अब ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। थोड़ा सा पानी बरसते ही इस अधूरे मार्ग पर भारी जलभराव और दलदली कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
ग्राम पंचायत ने दिए सिर्फ आश्वासन, अब कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को पूरा कराने के लिए उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान और संबंधित जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई। लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले, धरातल पर समस्या जस की तस बनी रही। पंचायत से थक-हारकर आखिरकार ग्रामीणों ने शासन का दरवाजा खटखटाया है।
विभाग को प्रेषित हुई शिकायत: मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर मामला दर्ज होने के बाद शिकायत को संबंधित कार्यदायी विभाग को जांच और कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया है। अब जाजऊ के ग्रामीणों को उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद इस मानसून में उन्हें कीचड़ और गड्ढों से मुक्ति मिल सकेगी
