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अछनेरा के नगला मंशा में भूमाफियाओं का दुस्साहस, रात के अंधेरे में श्मशान घाट पर चलाया बुलडोजर, हरे पेड़ काटे

ByKarmveer Singh

May 17, 2026
अछनेरा के नगला मंशा में भूमाफियाओं का दुस्साहस, रात के अंधेरे में श्मशान घाट पर चलाया बुलडोजर, हरे पेड़ काटेअछनेरा के नगला मंशा में भूमाफियाओं का दुस्साहस, रात के अंधेरे में श्मशान घाट पर चलाया बुलडोजर, हरे पेड़ काटे
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

अछनेरा (आगरा)। विकास खंड अछनेरा की ग्राम पंचायत गोपऊ के अंतर्गत आने वाले गाँव नगला मंशा से एक बेहद हैरान करने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। गाँव में सैकड़ों वर्षों पुराने पारंपरिक मरघट (श्मशान घाट) की जमीन पर कुछ दबंग और बाहुबली भूमाफियाओं ने रात के अंधेरे में बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जा कर लिया है। भूमाफियाओं ने न सिर्फ सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि वर्षों पुराने हरे-भरे नीम और पीपल के पेड़ों को उखाड़कर गायब कर दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों ने इस मामले की लिखित शिकायत शनिवार को जिलाधिकारी (DM) आगरा और तहसील किरावली प्रशासन से करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

रात के अंधेरे में बुलडोजर से ढहा दी श्मशान की बाउंड्री

ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, नगला मंशा गाँव का पारंपरिक श्मशान घाट गाटा संख्या 913 (रकबा 0.0320 हेक्टेयर) में स्थित है। आरोप है कि पास की ही गाटा संख्या 909 और 908 के खेतों के मालिक बाहुबली भूमाफियाओं ने साजिश के तहत रात के समय अपने बुलडोजर से श्मशान घाट की बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया।

दबंगों ने श्मशान की जमीन को काटकर जबरन अपने खेतों में मिला लिया। इतना ही नहीं, पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाते हुए वहां लगे विशालकाय हरे नीम और पीपल के पेड़ों को काटकर रातों-रात गाड़ियों में भरकर ठिकाने लगा दिया।

10 बिस्वा की जमीन को काटकर 3 बिस्वा भी नहीं छोड़ा, आस्था से खिलवाड़

स्थानीय ग्रामीणों और बुजुर्गों का कहना है कि कागजी आंकड़ों और उनकी नजरों में यह श्मशान घाट करीब 10 बिस्वा (विशें) जमीन में फैला हुआ था। लेकिन भूमाफियाओं ने इस कदर जमीन काटी है कि अब वहां अंतिम संस्कार के लिए 3 बिस्वा जमीन भी नहीं बची है। वर्तमान में वहां सिर्फ तीन टिन शेड का चबूतरा ही शेष रह गया है। श्मशान घाट पर उगे छोटे-छोटे पौधों और वहां रहने वाले बेजुबान छोटे जीवों के आशियाने को भी बेरहमी से उजाड़ दिया गया, जिसके साक्ष्य तस्वीरों में साफ देखे जा सकते हैं।

“अब तक जो नहीं हुआ, वो किसकी शह पर हो रहा है?” – ग्रामीणों का बड़ा सवाल

ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि जो दुस्साहस आज तक के इतिहास में नहीं हुआ, वह अचानक इस समय किसकी शह पर किया जा रहा है? आरोप है कि जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी कि श्मशान घाट की जगह पर अवैध कब्जा करने से उन्हें कोई रोक नहीं सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं।

जांच और पैमाइश की मांग, दर्जनों ग्रामीणों ने किए हस्ताक्षर

शिकायती पत्र के साथ ग्रामीणों ने श्मशान घाट के मौजूदा हालात के फोटो, खतौनी की नकल और नक्शा भी संलग्न किया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:

  • अंत्येष्टि स्थल को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल कानूनी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
  • राजस्व टीम भेजकर श्मशान की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
  • सरकारी खर्च पर दोबारा बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाए।

इस शिकायत को दर्ज कराने वालों में देशराज सिंह, दलवीर सिंह, रूपेंद्र, महेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, महाराज सिंह, भूरि सिंह, केहरी सिंह, नेपाल सिंह, कालीचरण, भूपाल सिंह और सूफी सिंह सहित दर्जनों आक्रोशित ग्रामवासी शामिल हैं।

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