रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली/कागारौल (आगरा)। क्षेत्र में आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। किरावली से नगला उमराव मोड़ के पास भारी मिलावट वाली और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक प्रतिबंधित दाल बेचते हुए दो संदिग्ध किशोरों को पकड़ा गया है। समाजसेवी व पत्रकार भोज कुमार फौजी की सजगता के चलते इन दोनों को पुलिस के सुपुर्द किया गया, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड विभाग) की टीम ने मौके पर पहुंचकर दाल के सैंपल लिए और स्टॉक को सील कर दिया। वहीं, पकड़े गए किशोरों की निशानदेही पर कागारौल स्थित एक गोदाम पर विभाग की छापेमारी जारी है, जहाँ मिलावटी खाद्य पदार्थों का बड़ा जखीरा मिलने की आशंका है।

पूछताछ में संदिग्ध लगी बॉडी लैंग्वेज, दाल की क्वालिटी देख उड़े होश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे समाजसेवी व पत्रकार भोज कुमार फौजी किरावली से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें नगला उमराव मोड़ पर दो किशोर फेरी लगाकर दाल बेचते हुए दिखाई दिए। शक होने पर जब उन्होंने दोनों से पूछताछ की, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज संदिग्ध लगी और वे सकपका गए।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम रईस (16 वर्ष) और अरबाज (17 वर्ष) बताए। दोनों के पास न तो कोई पहचान पत्र (ID) था और न ही वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस। वे अपने निवास स्थान को लेकर भी बार-बार बयान बदलते रहे; कभी उन्होंने खुद को सौंख (मथुरा) का बताया, तो कभी कागारौल, फिरोजाबाद और मैनपुरी का रहने वाला कहा।
प्लास्टिक जैसी हार्ड थी दाल, न ट्रेडमार्क न मैन्युफैक्चरिंग डिटेल
जब उनके पास मौजूद 30 किलोग्राम के दाल के बैग की जांच की गई, तो उस पर कोई मैन्युफैक्चरिंग डिटेल, हॉलमार्क या ट्रेडमार्क अंकित नहीं था। दाल की गुणवत्ता इतनी घटिया और मिलावटी थी कि उसे उबालने पर भी वह सॉफ्ट नहीं हो रही थी। दाल के दाने प्लास्टिक की तरह उछल रहे थे और उसमें से एक अजीब सी दुर्गंध आ रही थी, जो इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
कागारौल के गोदाम पर खाद्य विभाग का छापा, कई आरोपी फरार
पकड़े गए किशोरों ने पुलिसिया पूछताछ में कुबूल किया कि उनका मुख्य स्टोर कागारौल क्षेत्र में है। इस सूचना पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कागारौल के गढ़मुखा क्षेत्र में स्थित संदिग्ध गोदाम पर छापेमारी की। टीम के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद ज्यादातर लोग भागने में सफल रहे। सूत्रों के मुताबिक, यहां अवैध रूप से रह रहे कुछ बाहरी लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है और बड़े पैमाने पर मिलावटी दाल का स्टॉक बरामद होने की पूरी संभावना है। चूंकि दोनों विक्रेता नाबालिग पाए गए, इसलिए नियमानुसार सैंपल भरने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
बाहरी और संदिग्ध फेरीवालों के सत्यापन की उठी मांग
इस कार्रवाई के बाद समाजसेवी भोज कुमार फौजी ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व हुए एक धरने के दौरान उन्होंने गांवों में घूम-घूम कर सामान बेचने वाले ऐसे अज्ञात और बाहरी लोगों के पुलिस सत्यापन (Verification) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उस समय प्रशासन ने जल्द ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी-फेरी लगाने वालों का उचित सत्यापन हो, तो ऐसे संदिग्ध और मिलावटखोर विक्रेताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी आज के दौर में खान-पान की चीजों को लेकर जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है।

