रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
अछनेरा (आगरा)। मथुरा जनपद के बरौदा मशरपुर नाले से शुरू होकर आगरा के रामपुर, बबरौद, मुबारिजपुर, अंगनपुरा और कचौरा होते हुए वेस्टर्न डिप्रेशन ड्रेन में मिलने वाले करीब 8 किलोमीटर लंबे नाले की हालत बदतर हो चुकी है। सिंचाई विभाग द्वारा विगत कई वर्षों से इस महत्वपूर्ण नाले की सफाई और खुदाई न कराए जाने तथा बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण के कारण क्षेत्र के किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। जलभराव की इस गंभीर समस्या को लेकर अब क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है।
कई वर्षों से नहीं हुई सफाई, खरीफ और रबी दोनों फसलें हो रहीं बर्बाद
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि नाले की सफाई न होने के कारण बरसात के दिनों में खेतों से पानी की निकासी बिल्कुल ठप हो जाती है। इसके चलते विकास खंड अछनेरा के रामपुर बबरौद, मुबारिजपुर, अंगनपुरा और कचौरा आदि गांवों के सैकड़ों एकड़ खेतों में महीनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। पानी न सूखने के कारण किसान पिछले कई वर्षों से न तो रबी की फसल बो पा रहे हैं और न ही खरीफ की। उपजाऊ खेती धीरे-धीरे बंजर में तब्दील हो रही है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसान नेताओं ने किया दौरा, पीड़ितों को दिलाया न्याय का भरोसा
जलभराव से प्रभावित गांवों का हाल जानने के लिए किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित ग्रामीणों और प्रभावित किसानों से मुलाकात की। इस दौरान किसान नेता अर्जुन छौकर, कोमल सिंह लोधी, बलबीर चौधरी और चौधरी हुकुम सिंह ने किसानों की बर्बाद हो चुकी जमीनों को देखा और उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। किसान नेताओं ने कहा कि अन्नदाता की इस दुर्दशा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर कीमत पर नाले की खुदाई व सफाई कराई जाएगी।
सिंचाई विभाग को 15 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विभाग ने अगले 15 दिनों के भीतर बरौदा मशरपुर नाले की सफाई और खुदाई का कार्य शुरू नहीं किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। 15 दिन की समयसीमा बीतने के बाद सिंचाई विभाग के खिलाफ क्षेत्र के तमाम पीड़ित किसानों और ग्रामीणों को साथ लेकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी

