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आगरा: अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही फिर धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की 72 वर्षीय मां, कहा- ‘न्याय लेंगे या जान देंगे’

ByKarmveer Singh

Jun 6, 2026
आगरा: अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही फिर धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की 72 वर्षीय मां, कहा- 'न्याय लेंगे या जान देंगे'आगरा: अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही फिर धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की 72 वर्षीय मां, कहा- 'न्याय लेंगे या जान देंगे'
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

आगरा (किरावली)।

सिस्टम की संवेदनहीनता और प्रशासनिक बेरुखी के खिलाफ मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी के न्याय की जंग अब आर-पार के मोड़ पर पहुंच गई है। भूख हड़ताल के पांचवें दिन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराई गईं रवि सोलंकी की 72 वर्षीय वृद्ध मां प्रभा देवी डॉक्टरों की सलाह के बावजूद आज अस्पताल से सीधे वापस तहसील सदर प्रांगण स्थित धरना स्थल पर पहुंच गईं। हाथों में ड्रिप (ग्लूकोज की सुई) के निशानों के साथ बुजुर्ग मां ने रोते हुए ऐलान किया कि अब शासन-प्रशासन से न्याय लेकर या फिर अपनी जान देकर ही उनकी घर वापसी होगी।

धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की मां
207वें दिन भी धरना जारी, 14 महीनों से भटक रहा परिवार

विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण अपनी जान गंवाने वाले रवि सोलंकी का पीड़ित परिवार पिछले 207 दिनों से लगातार खुले आसमान के नीचे बेमियादी धरने पर बैठा है। हक और हकूक की यह लड़ाई पिछले 14 महीनों से आला अधिकारियों की चौखट पर दम तोड़ रही है। कड़कती धूप और विपरीत हालातों के बीच मृतक की मां प्रभा देवी, पत्नी रजनी देवी और उनके तीन मासूम बच्चे 12 नवंबर से लगातार तहसील सदर प्रांगण में डटे हुए हैं।

धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की मां
17 लाख की आर्थिक मदद का वादा निकला खोखला

33/11 विद्युत उप केंद्र किरावली टाउन पर 38 वर्षीय पेट्रोल मैन रवि सोलंकी पिछले 20 वर्षों से कार्यरत थे। आरोप है कि 9 अप्रैल 2025 को शटडाउन होने के बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण ट्रांसफार्मर की मरम्मत करते समय अचानक लाइन में करंट आ गया, जिससे झुलसकर 15 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी।

हादसे के बाद विद्युत विभाग के आला अधिकारियों ने आश्रितों को ढांढस बंधाते हुए कई लिखित और मौखिक आश्वासन दिए थे, जो आज तक अधूरे हैं:

  • वादा: 17 लाख रुपये की कुल आर्थिक मदद, इलाज का पूरा खर्च, पत्नी व बच्चों को पेंशन और आश्रित को संविदा पर नौकरी।
  • हकीकत: परिवार को अब तक केवल 7.50 लाख की अनुग्रह राशि और जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से फंड के 3 लाख 23 हजार रुपये ही मिल सके हैं। बाकी की रकम और नौकरी के वादे पर अधिकारी कुंडली मारकर बैठे हैं।

“अधिकारी पूरी तरह से अंधे और बहरे हो चुके हैं। क्षेत्र के सत्तासीन जनप्रतिनिधियों ने भी इस गरीब परिवार की चीखों पर मौन व्रत साध लिया है। न तो पीड़ित परिवार को पूरी आर्थिक मदद दी गई और न ही रवि की मौत के जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर कोई कानूनी या विभागीय कार्रवाई हुई है।”

चौधरी दिलीप सिंह (किसान मजदूर नेता)

धरने पर बैठीं मृतक बिजली कर्मी रवि सोलंकी की मां
धरने में उमड़ रही भीड़, आंदोलन उग्र होने की चेतावनी

बुजुर्ग मां प्रभा देवी के इस कड़े संकल्प और अस्पताल से सीधे वापस अनशन पर लौटने के बाद स्थानीय किसान संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस गरीब परिवार को उनका हक तुरंत नहीं मिला, तो इस आंदोलन की आंच पूरे जिले में फैलेगी।

आज के धरने में मुख्य रूप से पवन सिंह चाहर, सुरेंद्र सोलंकी, बाबूलाल, पप्पू डोहर, भगवान सिंह बघेल, राजकिशोर लोधी, मृतक की पत्नी रजनी देवी, रेनू देवी, तमन्ना और दिव्यांश सहित भारी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर मौजूद रहे।

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