रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
अछनेरा/किरावली (आगरा)। आगरा से बांदीकुई तक बनने वाली रेलवे की डबल लाइन (दोहरीकरण) परियोजना के खिलाफ जनपद के किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर ग्राम पंचायत नागर में किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित हुई। इस महापंचायत में किसानों ने आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए घोषणा की है कि आगामी 23 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा आगमन पर किसान उनका घेराव करेंगे और अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री के सामने हुंकार भरेंगे।
14 गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित, 2026 में 2017 का सर्किल रेट!
दरअसल, उत्तर मध्य रेलवे (NCR) आगरा के अंतर्गत रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए ट्रैक के दोनों ओर बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इस योजना से जोगी पाड़ा, मंगटई, बिचपुरी, चौहटना, अंगूठी, नागर सहाई, सहता, रायभा, अछनेरा, नगला अरुआ, मांगरोल जाट और गोबरा सहित दर्जन भर से अधिक (कुल 14 गांवों) के सैकड़ों किसान सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने रेलवे और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“रेलवे विभाग किसानों के साथ सरासर नाइंसाफी कर रहा है। भूमि का अधिग्रहण साल 2026 में किया जा रहा है, लेकिन किसानों को मुआवजा 9 साल पुराने यानी साल 2017 के सर्किल रेट से देने की तैयारी है। इस कौड़ियों के भाव की लूट को किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

“जान दे देंगे, लेकिन कौड़ियों के भाव जमीन नहीं देंगे”
वहीं किसान नेता धीरज सिकरवार ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि किसान अपनी उपजाऊ जमीन को औने-पौने दामों में प्रशासन को नहीं सौंपेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें अपनी जान की बाजी ही क्यों न लगानी पड़े। किसानों का साफ कहना है कि उन्हें वर्तमान बाजार दर (करंट सर्किल रेट) के हिसाब से ही मुआवजा मिलना चाहिए।
महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब
इस महत्वपूर्ण पंचायत की अध्यक्षता सोमेश्वर सिंह ने की तथा मंच का कुशल संचालन दौलतराम नरवार द्वारा किया गया। रेलवे के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ एकजुट हुए किसानों ने सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री के घेराव के फैसले पर मुहर लगाई।
इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे: महेश उपाध्याय, सत्यवीर चाहर, गंगाराम माहौर, सोनू चौधरी, सुरेंद्र सोलंकी, धर्मेंद्र चाहर, सुमन सिकरवार, मुकेश सविता, जितेंद्र सोलंकी, बॉबी, अशोक नरवार, कोमल सिंह, सत्यपाल सिंह जूरैल, राम गणेश, सत्यदेव सिंह, शिव सिंह, रविंद्र नरवार, राम लखन, पवन कुमार, अमर देव, सुखपाल सिंह, धर्मवीर सोलंकी सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।

