रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)। सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए ई-पंजीकरण मॉडल के विरोध में गुरुवार को किरावली तहसील परिसर में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों का गुस्सा फूट पड़ा। आंदोलनकारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए उपनिबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) पर तालाबंदी कर दी।
बैरंग लौटे सैकड़ों वादकारी, ठप रहा कामकाज
तहसील मुख्यालय पर तालाबंदी और वकीलों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री सहित राजस्व से जुड़े तमाम जरूरी काम पूरी तरह ठप हो गए। दूर-दराज के गांवों से तहसील आए सैकड़ों वादकारियों और आम जनता को बिना काम कराए ही मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ा।
“लाखों लोग हो जाएंगे बेरोजगार”
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों का साफ कहना है कि नया ई-पंजीकरण मॉडल पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इसके लागू होने से देश और प्रदेश के लाखों स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक (वसीका नवीस) और उनसे जुड़े लोग सीधे तौर पर बेरोजगार हो जाएंगे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार इस जनविरोधी प्रस्ताव को वापस नहीं लेती, तब तक उनकी यह हड़ताल और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल
इस बड़े आंदोलन और प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर शर्मा, तहसील कोर्ट बार अध्यक्ष दलवीर सिंह सोलंकी, चंद्रभान सिंह चाहर, वरिष्ठ अधिवक्ता रामवीर सिंह इंदौलिया, अनेक सिंह वर्मा, ताराचंद इंदौलिया, धर्मेंद्र शर्मा, यशपाल सिंह, नरेश इंदौलिया और महासचिव गजेंद्र सिंह इंदौलिया ने किया।
इसके साथ ही मौके पर जगन प्रसाद अग्रवाल, महेंद्र सिंह सिसोदिया, सतीश बघेल, राजवीर सिंह, राजेश शर्मा, कन्हैया लाल, दिनेश नौहवार, रामभजन सिंह गहलौत, रामनिवास शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मुनेश लवानियाँ, लाखन सिंह रजोरा और सुरेंद्र सिंह जादौन सहित भारी संख्या में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और दस्तावेज लेखक मौजूद रहे।

